Sunday, May 30, 2021

दीक्षा से मिलेगी ऑनलाइन ट्रेनिंग और शिक्षा

 दीक्षा से मिलेगी ऑनलाइन ट्रेनिंग और शिक्षा




DIKSHA (नॉलेज शेयरिंग के लिए डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर), स्कूली शिक्षा के लिए एक राष्ट्रीय मंच है, जो की, शिक्षा मंत्रालय की राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसन्धान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीइआरटी ) की एक पहल हैं! DIKSHA खुली वास्तुकला के मूल सिद्धांतों के आधार पर विकसित किया गया था, खुली पहुच, खुली लाइसेंस विविधता, राष्ट्रीय शिक्षक मंच के लिए रणनीति और दृष्टिकोण पत्र में उल्लिखित विकल्प और स्वायत्तता, इसे माननीय पूर्व मानव संसाधन विकास मंत्री श्री प्रकाश जावड़ेकर द्वारा मई 2017 में जारी किया था ! DIKSHA को खुद भारत के माननीय उपराष्ट्रपति जी द्वारा 5 सितम्बर, 2017 में शुरू किया गया था और तब से 35 राज्य/केंद्र शाषित प्रदेश भर में अपनाया गया है, और साथ ही साथ, सीबीएसइ और एनसीइआरटी के साथ और करोड़ों शिक्षार्थियों और शिक्षकों द्वारा भी अपनाया गया है ।




Diksha ओपन सोर्स टेक्नोलॉजी पर बनाया गया है, जिसे भारत में और भारत के लिए बनाया गया है, जो इंटरनेट स्तर टेक्नोलॉजी को शामिल करता है और सिखाने और सीखने के लिए कई उपयोगी-मामलों और समाधानों को संभव बनाता है। DIKSHA को MIT लाइसेंस प्राप्त ओपन सोर्स तकनीक का उपयोग करके बनाया गया है जिसे Sunbird कहा जाता है जो सीखने के लिए एक डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर है और इसे कई भाषाओं और समाधानों का समर्थन करने के लिए डिज़ाइन किया गया है और मंच तथा समाधानों के विकास के लिए निर्माण खंडो के रूप में 100 से अधिक सूक्ष्म सेवाओं की पेशकश करता है। Diksha, जैसा कि पहले उल्लेख किया गया है, भारत के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के उपयोग के लिए उपलब्ध है। प्रत्येक राज्य /केंद्र शासित प्रदेश अपने तरीके से DIKSHA मंच का लाभ उठाते हैं, क्योंकि इसके पास अपने शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए कार्यक्रमों को बनाने और उन्हें चलाने के लिए मंच की विभिन्न क्षमताओं और समाधानों का उपयोग करने की स्वतंत्रता और विकल्प है। DIKSHA नीतियां और उपकरण शिक्षा इकोसिस्टम (शिक्षाविद्, विशेषज्ञ, संगठन, संस्थाएं - सरकार, स्वायत्त संस्थानों, गैर-सरकारी और निजी संगठनों) के लिए संभव बनाते हैं कि वे देश के लिए बड़े पैमाने पर सीखने के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए एक साझा मंच पर भाग लें , योगदान दें और लाभ उठायें ।  DIKSHA को देश भर के शिक्षार्थियों और शिक्षकों द्वारा पहुँचा जा सकता है और वर्तमान में भारत भर में NCERT, CBSE और SCERT की विभिन्न भाषाओं और 18+ भाषाओं का समर्थन करता है। ये मंच स्कूल शिक्षा, मूलभूत शिक्षण कार्यक्रमों के लिए और शिक्षार्थियों और शिक्षकों के रेखांकित और अलग-अलग समुदायों के लिए समावेशी सीखने का समर्थन करने के लिए विकसित किया जा रहा है।  COVID-19 स्कूली शिक्षा से संबंधित व्यवधान के संदर्भ में, DIKSHA सभी राज्यों / केन्द्र शासित प्रदेशों के लिए अभिनव राज्य कार्यक्रमों के माध्यम से घर पर सीखने / शिक्षा को सक्षम करने के लिए संभव बनाता है; इसलिए भारत भर में शिक्षकों और शिक्षार्थियों के लाभ के लिए प्रौद्योगिकी के उपयोग को छलांग लगाना है।

Saturday, May 29, 2021

बिहार शिक्षा विभाग ने शिक्षकों और छात्रों के लिए बनाई ई-लाइब्रेरी

 बिहार शिक्षा विभाग ने शिक्षकों और छात्रों के लिए बनाई ई-लाइब्रेरी



कोविड-19 संक्रमण एवं विद्यालयों का संचालन बाधित होने के कारण राज्य के सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा 1 से 12 के विद्यार्थियों के पठन-पाठन की निरंतरता को बनाए रखने के लिए शिक्षा विभाग, बिहार सरकार के द्वारा डिजिटल/ऑनलाइन शिक्षण की व्यवस्था किए जाने का प्रयास किया जा रहा है। इस क्रम में बिहार शिक्षा परियोजना परिषद, राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद एवं यूनिसेफ़ के संयुक्त प्रयास से कक्षा 1 से 12 की पाठ्य-पुस्तकों के आधार पर ई-कंटैंट का निर्माण किया गया। साथ ही, विभिन्न स्रोतों, यथा – दीक्षा पोर्टलस्वयंप्रभा चैनलएन०आर०ओ०ई०आर० (National Repository of Open Educational Resources) एवं शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत विभिन्न संस्थाओं से भी कक्षा 1 से 12 की पाठ्य-पुस्तकों के आधार पर उपलब्ध ई-कंटेन्ट प्राप्त किया गया। यद्यपि राज्य में वर्ष 2020-21 के दौरान कक्षा 1 से 12 के विद्यार्थियों के पठन-पाठन की निरंतरता को बनाए रखने के लिए दूरदर्शन बिहार के माध्यम से इन ई-कंटेन्ट के आधार पर शैक्षणिक प्रसारण भी कराये गए। जिसे मेरा दूरदर्शन मेरा विद्यालय नाम दिया गया।



उपर्युक्त परिपेक्ष्य में शिक्षा विभाग, बिहार सरकार के द्वारा कक्षा 1 से 12 के विद्यार्थियों के उपयोग हेतु ई-लाइब्रेरी विकसित करने का निर्णय लिया गया। परिणामस्वरूप ई-लाइब्रेरी : LOTS – Library of Teachers and Students आपके समक्ष प्रस्तुत है। ई-लाइब्रेरी में विद्यार्थियों के साथ शिक्षकों एवं अन्य हितधारकों के उपयोग के लिए कक्षा 1 से 12 की पाठ्य-पुस्तकों, पाठ्य-पुस्तकों की पाठों के आधार पर शैक्षणिक विडियो, संदर्भ विडियो, दीक्षा पोर्टल पर उपलब्ध सामाग्री के लिंक के साथ साथ पाठवार अभ्यास के प्रश्नोत्तर को भी शामिल किया गया है।



ई-लाइब्रेरी के उपयोग से विद्यार्थियों को न केवल पठन-पाठन का अवसर प्राप्त होगा बल्कि इसके उपरांत संबन्धित पाठों के प्रश्नोत्तर का अभ्यास करके वे अपना स्वमूल्यांकन भी कर सकेंगे। शिक्षकों एवं अन्य हितधारकों के द्वारा भी ई-लाइब्रेरी पर उपलब्ध शैक्षिक सामग्री का उपयोग अपनी क्षमता विकास के साथ साथ विद्यालयों में विद्यार्थियों को बेहतर परामर्श के लिए किया जा सकेगा। उम्मीद है कि शिक्षक एवं छात्र इस e-Library (LOTS- Library of Teachers & Students) का भरपूर सदुपयोग करेंगे


ये एक बहुत ही बेहतरीन पहल हैं बिहार शिक्षा विभाग के पदाधिकारीयो द्वारा इससे शिक्षकों और बच्चों दोनों को फायदा होगा

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Friday, May 28, 2021

शिक्षा विभाग, बिहार पटना ने मांगी सभी प्रकार के शिक्षकों की रिक्ति

 शिक्षा विभाग, बिहार पटना ने मांगी सभी प्रकार के शिक्षकों की रिक्ति



शिक्षा विभाग, बिहार पटना माध्यमिक शिक्षा निदेशालय के विशेष सचिव सह निदेशक ने पत्र के माध्यम से सभी जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना को 29 मई को आहूत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में प्राथमिक, मध्य,माध्यमिक तथा उच्च माध्यमिक विद्यालय के सभी प्रकार शिक्षकों की रिक्ति के ब्यौरा के साथ अपराह्न 2 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में भाग लेने का आदेश दिया।